guava in pregnancy

प्रेग्नेंट यानी गर्भवती महिलाओं के खाने-पीने की बात करें तो इस दौरान उन्हें अपने खान-पान में बहुत से बदलाव करने पड़ते है |

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को पौष्टिक आहार खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन सभी खाद्य सामग्री गर्भवती महिला के लिए स्वास्थय वर्धक नहीं होती | इस समय कुछ फल लाभप्रद होते हैं, तो कुछ को न खाने की सलाह भी दी जाती है |

माँ बनना एक अद्भुत भावना का सृजन माना जाता है, ऐसे में एक माँ के लिए अपनी होने वाली संतान के प्रति प्रेम के अतिरिक्त उसकी सुरक्षा और सही विकास का दायित्व भी होता है | इस दौरान माँ द्वारा खाए गए आहार से बच्चे को भी पोषण मिलता है |

महिलाओं को प्रेग्नेंसी में फल खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ फल जैसे कि पपीता के सेवन से बचना होता है | तो आज हम जानेंगे कि गर्भवती महिलाओं के लिए अमरूद खाना लाभकारी है या नही? और साथ ही जानेंगे इसे खाने के लाभ और नुकसान भी…

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प्रेग्नेंसी में अमरूद खाना चाहिए या नही?

तो बेफिक्र रहिए क्योंकि प्रेग्नेंसी यानी गर्भावस्था में अमरूद का सेवन बहुत फायदेमंद है | इसमें बहुत से पोषक तत्व होते हैं | लेकिन ध्यान रखें कि अति तो किसी की भी अच्छी नहीं होती, गर्भवती महिलाएं दिन में एक मध्यम साइज का अमरूद लगभग 100 या 125 ग्राम से ज्यादा सेवन न करें |

फोलेट, फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम आदि पोषक तत्वों से भरपूर अमरुद का सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी फायदेमंद होता है | 

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प्रेग्नेंसी में अमरुद का सेवन करने के फायदे

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण एक महिला बहुत सी परेशानियों से गुजरती है, ऐसे में अमरुद का सेवन प्रेग्नेंट महिला को इन परेशानियों से बचाव करने में मदद करता है | 

तो आइये जानते हैं प्रेग्नेंसी में अमरूद खाने के फायदे…

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प्रतिरोधक क्षमता में सुधार

अमरूद में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी होता है | यह शरीर में उपापचय की प्रक्रिया को सुधारता है | साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायता करता है | 

इससे प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई बीमारियों और संक्रमण से बचने की ताकत मिलती है |

एक शोध में पाया गया कि अमरूद में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी पाए जाते हैं, जो सांस, मुंह, दांत और त्वचा के साथ मलेरिया से संबंधित संक्रमण को दूर करने में सहायक साबित होते हैं |

इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अमरूद अच्छा विकल्प है |

यह विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट गुण से युक्त होता है, जो आंखों के लिए भी उपयोगी माना जाता है | 

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ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है

कई बार प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को गेस्टेशनल डाइबिटीज़ की समस्या से परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है | 

अमरूद में हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है | इसलिए यह प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली शुगर की समस्या से बचे रहने में सहायक माना जा सकता है |

अमरूद में मौजूद पॉलीसैचराइड कार्बोहाइड्रेट एंटी-डाइबीटिक गुण प्रदर्शित करता है | इस कारण यह टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद करता है |

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ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है 

प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं में ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या देखी जाती है | ऐसे में अमरूद का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है |

अमरूद में पोटैशियम और घुलनशील फाइबर की मात्रा होती है, जो बढ़ते ब्लड प्रेशर को सामान्य करने में मदद करती है |

कब्ज की समस्या के लिए लाभदायक होता है

अमरूद डाइटरी फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक माना जाता है | 

लगभग सभी प्रेग्नेंट महिलाओं को कब्ज की समस्या से गुजरना पड़ता है | इसलिए, इस दौरान अमरूद का सेवन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है |

डाइटरी फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर को भी कम करता है | 

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पाचन प्रक्रिया होती है मजबूत 

आप यह तो जानते हैं कि अमरूद खाने से कब्ज की समस्या से लाभ मिलता है | 

एक शोध में बताया गया है कि यह पेट से संबंधित कई अन्य विकार जैसे दस्त, पेचिश, जलन, पेट दर्द और गैस की समस्या को भी दूर करने में मददगार साबित हो सकता है | तो अमरूद का सेवन संपूर्ण पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है |

अमरूद खाने से प्रेग्नेंट महिला को पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद मिलती है |

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शिशु के विकास में करता है मदद

अमरूद में फोलिक एसिड भी होता है | फोलिक एसिड या फोलेट एक तरह का विटामिन-बी होता है | विशेषज्ञों के अनुसार माँ के साथ शिशु के विकास के लिए फोलिक एसिड को आवश्यक माना जाता है | 

यह गर्भ में पल रहे शिशु के तंत्रिका तंत्र, और मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है |

अमरुद में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है जो की प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला की हड्डियों की मजबूती बढ़ाने के साथ-साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद करता है |

मॉर्निंग सिकनेस के लिए बेहतर विकल्प 

अमरूद में विटामिन बी-6 की भी मात्रा पाई जाती है | इसे मॉर्निंग सिकनेस के लिए एक बेहतर विकल्प माना गया है | 

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस की समस्या अमरूद खाने से काफी हद तक कम हो सकती है |

अमरूद में मौजूद विटामिन-सी इस परेशानी को दूर करके आपको फ्रेश महसूस करवाने में मदद करता है |

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एनीमिया से करता है बचाव

प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं में आयरन की कमी के कारण एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है | अमरूद को आयरन का अच्छा स्रोत माना गया है | 

इसलिए यह एनीमिया से बचाव में भी सहायक माना जाता है | अमरुद में मौजूद आयरन बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा को पूरा करने में मदद करता है |

कैंसर के खतरे को कम करता है 

विशेषज्ञों के मुताबिक अमरूद में कई ऐसे तत्व भी मौजूद होते हैं, जिनके कारण यह कैंसर के खिलाफ लड़ने की क्षमता भी रखता हैं | 

लाइकोपीन और विटामिन सी से भरपूर अमरुद का सेवन करने से बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है |

अमरूद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी बहुत फायदेमंद होता है, जिससे महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर जैसी समस्या का जोखिम कम होता है |

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तनाव का खतरा होता है कम

अमरूद में विटामिन बी-3 और बी-6 भी मौजूद होता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी माना गया है | 

विटामिन बी-3 और बी-6 मानसिक समस्याओं जैसे :- चिंता, तनाव और अवसाद को दूर रखने में मदद करते हैं |

तनाव प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है | 

तनाव होने के कारण बॉडी कार्टिसोल बनाने लगती है, जिससे की गर्भाशय को नुकसान पहुँच सकता है | ऐसे में अमरुद का सेवन इस समस्या में मददगार होता है |

अमरूद मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है | कुछ मेडिकल रिसर्च में पाया गया है कि मैग्नीशियम तनाव को कम करता है और दिमाग को शांत करके खुशी का संचार करने में मदद करता है |

प्रेग्नेंसी में अमरूद खाने के नुकसान क्या है?

  • अमरूद में फाइबर पाया जाता है | इसलिए, इसका अधिक मात्रा में सेवन पेट में दर्द और डायरिया का कारण बन सकता है |
  • कच्चा अमरूद खाने से बचना चाहिए, क्योंकि कच्चा अमरूद सख्त होता है, जिससे दांतों में दर्द हो सकता है |

अमरूद खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • अमरूद धो कर खाएं क्योंकि बिना धुला अमरूद खाने से उस पर लगे कीटनाशक नुकसान पहुंचा सकते हैं |
  • अधिक पके अमरूद में कीड़े होने की आशंका होती है, इसलिए खाने से पहले उसे अच्छे से जांच लें |
  • सुबह और शाम के नाश्ते में अमरूद खाना लाभदायक माना जाता है | लेकिन आप चाहें तो खाने के साथ सलाद के तौर पर इसका सेवन कर सकते हैं | 
  • अगर आपको अमरूद के सेवन से एलर्जी है, तो आप अमरूद न खाए | इस स्थिति में प्रेग्नेंट महिलाएं अनानास और स्ट्रॉबेरी खा सकती हैं |

यह लेख पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है | अगर आपके स्वस्थ्य के लिए पोटेशियम या फाइबर का सेवन स्वास्थ्यवर्धक नहीं है तो आप अमरूद खाने से बचें |

अगर आप किसी बिमारी से ग्रसित है तो, कृप्या पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले |

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