जिया-राय

मुंबई की ऑटिज़्म से प्रभावित एक 13 वर्षीय लड़की, जिया राय पाक जलडमरूमध्य को पार करने वाली सबसे तेज तैराक बनी, तोड़ा विश्व रिकॉर्ड | वह 13 घंटे 10 मिनट में 29 कि.मी. की दूरी श्रीलंका के तलाईमन्ना और तमिलनाडु के अरिचलमुनई में धनुषकोडी के बीच तैर गई |

जिया, भारतीय नौसेना के आईएनएस कुंजली के मास्टर चीफ़ ऑफ़ आर्म्स, मदन राय की बेटी हैं |

ऑटिज़्म को मेडिकल भाषा में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर  कहते हैं | स्वलीनता या आटिज्म एक न्यूरोलोलॉजिकल और विकास संबंधी विकार है जिससे पीड़ित व्यक्ति को बातचीत करने में, पढ़ने-लिखने में और समाज में मेलजोल बनाने में परेशानियां आती हैं |

ऑटिज़्म के साथ बच्चे को संचार करने में परेशानी होती है | उन्हें अपने शब्दों को या इशारों, चेहरे की अभिव्यक्तियों और स्पर्श के माध्यम से व्यक्त करने में कठिनाई होती है |

जिया पाक जलडमरूमध्य तैरकर पार करने वाली सबसे युवा महिला तैराक बन गई हैं | उन्होंने रविवार (20 मार्च, 2022) को सुबह 4:22 बजे तलईमन्नार से तैरना शुरु किया और शाम के 5:32 बजे धनुषकोडी पहुंची | 

उन्होंने हर मुश्किलों का सामना कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ कीर्तिमान रचा | उनसे पहले ये रिकॉर्ड भूला चौधरी के नाम था | भूला चौधरी ने 2004 में 13 घंटे 52 मिनट में यह दूरी तय की थी |

जिया ने यह साबित कर दिया कि इंसान किसी भी परिस्थिति में हो, अगर वो ठान ले तो मुश्किलें अपने-आप रास्ता बना देती है |

इस इवेंट का आयोजन पैरा स्विमिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी, तमिलनाडु और ऑटिज्म सोसाइटी ऑफ इंडिया सहित कई एजेंसियों के सहयोग के साथ किया गया था |

जब जिया श्रीलंका के पानी में तैर रही थी तब श्रीलंका की नौसेना ने उन्हें सर्च ऐंड रेस्क्यू कवर दिया, जब वो भारतीय पानी में थी तब भारतीय नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की | 

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने जिया को आर्थिक सहायता प्रदान की |

समुद्र तट पर एक विशाल भीड़ ने जिया का स्वागत किया, उनके लिए तालियां बजाई | तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (DGP) सी सिलेंद्र बाबू ने भी जिया को उनकी उपलब्धि के लिए एक स्मारिका भेंट की |

रामनाथपुरम के एसपी ई कार्तिक और नगर उपाध्यक्ष दक्षिणामूर्ति ने भी उनका अभिनंदन किया और शॉल भेंट की |

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में जिया की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया |

15 फरवरी, 2020 में जिया एलिफ़ेंटा आईलैंड से गेटवे ऑफ़ इंडिया तक की 14 कि.मी की दूरी 3 घंटे 27 मिनट में तैरने वाली दुनिया की पहली ऑटिज़्म विकार से प्रभावित लड़की बन गई | 

जनवरी 2021 में जिया अर्नाला किले से वसई किले तक तैरकर पहुंचने वाली भी पहली पैरा तैराक बनी, उन्होंने 7 घंटे और 04 मिनट में 22 कि.मी की दूरी तय की |

फरवरी 2021 में जिया वर्ली सी लिंक से गेटवे ऑफ़ इंडिया तक 8 घंटे 40 मिनट में 36 कि.मी. की दूरी तय करने वाली पहली सबसे कम उम्र (12 वर्ष) और ऑटिस्टिक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित लड़की बनी |

मार्च 2021 में जिया ने 20वें नेशनल पैरा-स्विमिंग चैंपियनशिप-2020 में 3 गोल्ड मेडल जीते थे |

जिया का नाम एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है | उन्होंने नेशनल और स्टेट स्विमिंग टूर्नामेंट्स में भी कई पदक जीते हैं |

2022 में जिया को प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया | यह 18 से कम उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए सर्वोच्च सम्मान है |

जिया अब तक अपनी राष्ट्रीय, राज्य और ओपन वाटर समुद्र तैराकी चैंपियनशिप में 24 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल जीत चुकी है | जिया के नाम 14 किमी/घंटा की गति से खुले पानी में तैरने वाली सबसे विलक्षण महिला का विश्व रिकॉर्ड है |

ऑटिज़्म तैराकी कौतुक जिया अब दुनिया के सात समंदर तैरने वाली पहली पैरा और सबसे युवा तैराक बनना चाहती हैं |

कैसे शुरू हुआ तैराकी का सफर

जिया कुलाबा के नेवी चिल्ड्रन स्कूल की छात्रा हैं | उसके पिता मदन राय नौसेना में अधिकारी हैं | उनकी माँ रचना राय केमिस्ट्री की अध्यापिका हैं | 

जिया का परिवार आजमगढ़ की सगड़ी तहसील स्थित गांव कटाई अलीमुद्दीनपुर का मूल निवासी है | 

जिया का जन्म 10 मई, 2008 को हुआ था | जब परिवार उनका दूसरा जन्मदिन मना रहा था, तो उनके माता-पिता ने महसूस किया कि वह अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेलने के बजाय एकांत में खेल रही है | 

उन दिनों उनके पिता कोचीन में तैनात थे | व्यवहार में इस अंतर को देख उनके पिता उन्हें डॉक्टर के पास जांच के लिए ले गए | डॉक्टर ने प्रारंभिक जांच में पाया कि उन्हें ऑटिस्टिक स्पेक्ट्रम डिसार्डर हैं |

इस बीमारी से ग्रस्त बच्चों का बौद्धिक विकास धीमा होता है | 

डॉक्टर ने उनके माता-पिता को बताया ऐसे बच्चे ज्यादा बोल नहीं सकते लेकिन उनमें ऊर्जा अन्य बच्चों से अधिक होती है |

जिया दिन में जब तक एकडेढ़ घंटा दौड़कर थक न जाए, तब तक उन्हें रात में नींद ही नहीं आती थी | दौड़ने के लिए उचित व सुरक्षित जगह न होने के कारण, जिया को स्विमिंग पुल की ओर आकर्षित किया गया | 

अब उनके पिता का स्थानांतरण गोवा हो गया था | वहां उस समय बरसात का मौसम था | सड़क पर दो साल की बच्ची को दौड़ाने से उसके गिर जाने का खतरा था | 

एक दिन मदन राय जिया को लेकर नेवी के स्विमिंग पूल में गए | वहां उसे तैराकी सिखाना शुरू किया | उनके पिता ने पाया कि जिया को तैराकी में मजा आ रहा है | रोज एकडेढ़ घंटे तैरने के कारण थककर वह सो जाती | 

तैराकी ने जिया के लिए थेरेपी का काम किया | और तैराकी धीरे-धीरे जिया का पैशन बन गई |

जब जिया छह साल की उम्र की थी, तन उसके स्कूल में तैराकी प्रतियोगिता थी | इस प्रतियोगिता ने उनकी वास्तविक क्षमता को सामने लाया और सभी को आश्चर्यचकित कर दिया |

हर तैराकी स्पर्धा में जिया ने भाग लिया, उन्होंने स्वर्ण पदक जीते और ये सभी कारनामे नए रिकॉर्ड के साथ किए |

फिर क्या शुरू हुआ जिया एक कीर्तिमान सफर, उनके माता-पिता को सलाह दी गई कि उनकी प्रतिभा को ओर निखारने के लिए उन्हें एक पेशेवर स्विमिंग कोच दिलाने में मदद करें | 

लेकिन यह उतना आसान नहीं था | जिया अपने माता-पिता के साथ संवाद करने में सक्षम थी, लेकिन वह कोच की बात समझ नही पा रही थी | अपनी बेटी की मदद करने के लिए माँ ने अपनी नौकरी छोड़ दी और कोच से तैराकी का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया, ताकि जिया को भी वह सही से सिखा पायें | 

यह समझने के बाद कि जिया क्रिया और दृश्य चित्रण देखकर अच्छी तरह सीख जाती है, उनके माता-पिता ने तैराकी के दिग्गज माइकल फेल्प्स के वीडियो का एक संग्रह तैयार किया और जिया को दिखाना शुरू किया |

जिया के जीवन में प्रमुख मोड़ 2019 में पोरबंदर, गुजरात में राष्ट्रीय ओपन वाटर सी स्विमिंग चैंपियनशिप इवेंट था | जिया मुश्किल से 10 साल की थी, और उनके माता-पिता को विश्वास था कि वह 5 कि.मी. तैरने में अच्छा प्रदर्शन करेगी | लेकिन इस आयोजन के लिए क्वालीफाइंग उम्र 14 वर्ष थी | सौभाग्य से, प्रारंभिक अस्वीकृति के बाद, आयोजकों ने अभ्यास पूल में जिया के कारनामों को देखने के बाद एक विशेष प्रवेश के रूप में अनुमति दी | 

जिया ने न केवल अन्य सभी तैराकों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, बल्कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ किया |

कैसी लगी जिया राय के मजबूत इरादो और कीर्तिमान गढ़ने की यह कहानी? हमे कमेंट बॉक्स में बताना न भूले |

कोई भी कमजोरी या परिस्थिति आपको किसी भी तरह बाधित नही कर सकती | बस अवसर को पहचानिए और गर्म लोहे पर मार दीजिए हथौडा |

जब तक आप खुद हिम्मत दिखाने में असमर्थ है, तब तक कोई भी आपको गुमराह करने में सक्षम है | परिस्थिति आपके रास्ते का रोडा नही है बल्कि आपका स्वयं पर अविश्वास ही आपका सबसे बड़ा शत्रु है | 

खुद से प्यार करे और विश्वास करे तभी तो अपनी राह बना पाने में सक्षम बन पायेंगे |

Jagdisha जिया आप ऐसे ही कीर्तिमान बनाती जाएं | हम आपके स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करते है |

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