government schemes of women entrepreneurs

भारत के समुचित विकास के लिए महिलाओं का विकास आवश्यक है | आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही है | उन्होंने पुरूष वर्चस्व क्षेत्रों में भी अपना स्थान बना लिया है |

आज भी बहुत-सी सामाजिक रूढ़िवादिता ने महिलाओं के पैरो में जंजीर जकड़ रखी है | जिसके कारण उन्हें ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है | महिलाएं वित्तीय स्वायत्तता द्वारा ही स्वतंत्र और सबल हो सकती है |

महिलाओं ने आंत्रप्रेन्योर जगत में महत्‍वपूर्ण सफलता प्राप्त की है | सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए घर तथा कार्यस्‍थल पर स्‍वयं को सफल उद्यमी एवं कार्यकारी व्‍यावसायिकों के रूप में साबित किया है |

भारत सरकार और बैंक शाखाओं ने महिलाओं के हौसले को नई उड़ान देने के लिए ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाई, ताकि वह शुरुआती व्यवसाय आसानी से शुरू कर सकें | आज हम आपको बताएंगे महिला उद्यमियों के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं बनाई गई हैं |

तो चलिए जानते हैं इन योजनाओं के बारे में –

1. उद्योगिनी योजना

यह योजना केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा शुरु की गई है | यह योजना सरकारी, प्राइवेट बैंकों के साथ नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के द्वारा स्वतंत्र रुप से चलाई जा रही है |

  • इस योजना के अनुसार वह महिला उद्यमी जिनकी आयु 18 से 55 वर्ष है और जो अपना व्यवसाय कृषि, खुदरा और छोटे उद्यमी क्षेत्र में कर रही हैं |
  • अधिकतम 3 लाख रुपए तक ऋण दिया जाता है |
  • अगर महिला उद्यमी के परिवार की वार्षिक आय ₹1,50,000 से कम है, तभी वह इस योजना के द्वारा ऋण ले सकती हैं अन्यथा नहीं |
  •  इसकी सबसे अच्छी बात यह है, कि एससी और एसटी श्रेणियों की महिलाओं, और विकलांग महिलाओं को ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है |
  • विधवा या विकलांग महिलाओं के लिए सालाना पारिवारिक आमदनी की कोई सीमा नहीं है |

आवश्यक दस्तावेज

  • उद्योगिनी लोन फॉर्म (उद्योगिनी फॉर्म बैंक से लिया जा सकता है या बैंक की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है)
  • 2 पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी
  • जन्म प्रमाणपत्र (10वीं की मार्कशीट, स्थानीय तहसीलदार से प्रमाणित पत्र या ग्राम प्रधान/स्थानीय जिला परिषद/स्थानीय विधायक/स्थानीय सांसद के लेटरपैड पर लिखवाया हुआ पत्र)
  • बीपीएल कार्ड की फोटोकॉपी (गरीबी रेखा से नीचे होने पर)
  • जाति प्रमाण पत्र (एसटी-एसटी की श्रेणी में होने पर)
  • आय प्रमाण पत्र

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2. अन्नपूर्णा योजना

अन्नपूर्णा योजना का लाभ महिला उद्यमी फूड केटरिंग व्यवसाय के लिए उठा सकती है |

  • इस योजना के अनुरूप स्टेट बैंक ऑफ मैसूर  द्वारा महिला उद्यमियों को पचास हजार रुपए की ऋण राशि दी जाएगी |
  • ॠण राशी का भुगतान 36 महीनों की मासिक किस्तों पर करना होगा |
  • यह ऋण महिला उद्यमी की प्राथमिक जरूरतों को पूर्ण करने के लिए दिया जाएगा, यानी कि बर्तन, गैस कनेक्शन, फ्रीज और अन्य उपकरणों को खरीदने के लिए |
  • इस ऋण की ब्याज दर बाजार दर के हिसाब से लगाई जाएगी और यह ऋण प्राप्त करने के लिए महिला उद्यमी को एक गारंटर की आवश्यकता होती हैं |

3. भारतीय महिला बैंक व्यवसायिक ऋण 

भारतीय महिला बैंक व्यवसायीक ऋण उन महिला उद्यमियों के लिए लागू किया गया है, जो अपना नया व्यवसाय खुदरा क्षेत्र, और एसएमई में शुरू करना चाहती है |

  • महिला उद्यमी को इस योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि 20 करोड़ तक दी जाती हैं |
  • जिस पर  0.25% की छूट भी दी जाती है | इस ऋण राशि पर ब्याज दर 10.15% या फिर उससे अधिक की होती है |
  • भारतीय महिला बैंक व्यवसायीकरण योजना की सबसे अच्छी बात यह है, कि यह लघु और सूक्ष्म उद्यम के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत 1 करोड़ तक के ऋण के लिए संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती हैं |
  • सेवा उद्यमों और खुदरा व्यापारियों के लिए अधिकतम 5 करोड़ प्रदान किया जाता है |
  • विनिर्माण उद्यमों के लिए अधिकतम 20 करोड़ की राशि दी जाती है |
  • ॠण राशी भुगतान अवधि 7 वर्षों की है |

4. देना शक्ति योजना 

महिला उद्यमी वित्तीय सहायता के लिए इस योजना का लाभ ले सकती हैं जो, कृषि, विनिर्माण, सूक्ष्म-ऋण, खुदरा स्टोर या फिर सूक्ष्म उद्यमों के क्षेत्र में अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं | देना शक्ति योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक को अपने पास के किसी भी देना बैंक शाखा में जाकर संपर्क करना होगा |

  • इस योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि 20 लाख तक दी जाती है |
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला उद्यमी की हिस्सेदारी 50% या उससे अधिक होनी चाहिए |
  • जिस पर ब्याज दर 0.25% होती हैं |
  • ऋण भुगतान की अवधि 10 वर्षों तक की दी गई है |

5. महिला उद्यम निधि योजना

लघु उद्योग से जुडी महिला उद्यमों को समर्थन देने के उद्देश्य से महिला उद्यम निधि योजना को स्मॉल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक द्वारा शुरू किया गया है | 

  • महिला उद्यमी को इस योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि 10 लाख तक दी जाती है |
  • ऋण राशि की भुगतान अवधि 5 से 10 वर्षों तक की है |
  • इस ऋण पर किसी प्रकार की सिक्योरिटी रखने की आवश्यकता नही होती है |
  • ब्याज दरे एक बैंक से दूसरे बैंक में भिन्न हो सकती है |
  • महिला निधि योजना में ब्यूटी पार्लर, प्रशिक्षण संस्थान, साइबर कैफे, नर्सरी आदि और ऑटो रिक्शा, दो पहिया वाहन और कार खरीदने की अलग-अलग ऋण योजनाएं भी शामिल हैं |

6. ओरिएंटल महिला विकास योजना 

वे महिलाएं जो व्यक्तिगत रूप से या फिर संयुक्त रूप से एक 51% शेयर की हकदार हैं, उन्हें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के द्वारा ऋण प्रदान किया जाता है |

  • लघु उद्योगों में महिला उद्यमी को इस योजना के अनुरूप 10 लाख से लेकर 25 लाख रूपये तक का ऋण दिया जाता है |
  • इस ऋण को लेने के लिए किसी भी प्रकार के गारंटर की आवश्यकता नहीं होती हैं |
  • महिला उद्यमी को 2% ऋण ब्याज दर की रियायत भी दी जाती हैं |
  • ऋण भुगतान अवधि 7 बर्ष है |

7. सेण्ट कल्याणी योजना 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री में माइक्रो और स्मॉल-स्केल बिजनेस के लिए ऋण उपलब्ध कराता है | इसमें हैंडीक्राफ्ट मेकर्स, टेलर्स, डॉक्टर्स, ब्यूटी पार्लर्स, गारमेंट मेकिंग, ट्रांसपोर्ट बिजनेस आदि शामिल हैं |

अगर महिला अपना नया उद्यम शुरू करना चाहती हैं या फिर उसे संशोधित करना चाहती हैं, तो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा वे ऋण की डीएचएस योजना का लाभ ले सकती है |

इस योजना के तहत यह ऋण उन महिला उद्यमियों द्वारा लिया जा सकता है जो गांव, लघु, और मध्यम उद्योगों, स्वरोजगार, कृषि खुदरा व्यापार जैसे व्यवसायिक उद्यमों से जुडी होती हैं |

  • इस योजना के तहत महिला उद्यमी को ऋण लेते समय किसी भी गारंटर की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं | 
  • 1 करोड़ रूपये तक ऋण सुविधा दी जाती है |
  • इस योजना के तहत ब्याज दर 9.7% है |

अपनी सुविधा के अनुसार आप सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं का लाभ उठा वित्तीय स्वायत्तता की ओर अग्रसर हो सकती है | वित्तीय समस्याओं के चलते अगर आप अपने व्यवसाय को शुरू नही कर पा रही और मौजूदा व्यवसाय में बढ़ोतरी नही कर पा रही तो इन योजनाओं से संबंधित बैंकों में जाकर समुचित जानकारी प्राप्त करें |

 

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यह जानकारी सिर्फ महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से दी गयीं हैं | इन सभी योजनाओं का jagdisha.com से कोई सम्बन्ध नहीं है | यदि आप jagdisha.com के इस ब्लॉग को आधिकारिक सूचना मानते हैं और इसे आधिकारिक संदर्भ के रूप में उपयोग करते हैं, तो अच्छे और बुरे परिणामों की जिम्मेदारी केवल और केवल आपकी होगी। अतः इन सभी योजनाओं की प्रमाणिकता की जांच करने हेतु आप इन योजनाओं की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर देख सकते हैं |

 

 

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