sumitra mahajan

सुमित्रा महाजन भारतीय संसद के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से एक हैं| उन्होंने मध्य प्रदेश में इंदौर निर्वाचन क्षेत्र में लगातार आठ बार चुनाव जीते हैं| वें निर्वाचन क्षेत्र में ताई रूप में लोकप्रिय हैं| उन्होंने वाजपेयी प्रशासन में केंद्रीय मंत्री के रूप में उत्तम कार्य किये| साथ ही वे साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कई सांस्कृतिक संगठनों और मंचों को सहयोग और समर्थन देने के लिए जानी जाती हैं|

गणतंत्र दिवस (26-1-2022), मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण सम्मान से पूर्व लोकसभा स्पीकर (अध्यक्ष) सुमित्रा महाजन को गौरवान्वित किया| उन्हें यह सम्मान राजनीति में उनके अहम और विशेष योगदान के लिए दिया गया है|

सुमित्रा महाजन सौम्यता, ईमानदारी और स्वच्छ राजनीति के लिए प्रसिद्ध हैं|

सुमित्रा महाजन को पढ़ना, संगीत, नाटक और सिनेमा के साथ-साथ गायन के प्रति भी रूची हैं| वें 18वीं सदी की समाज सुधारक अहिल्याबाई होल्कर को अपने जीवन में प्रेरक के रूप में मानती हैं| और अहिल्याबाई होल्कर की जीवन यात्रा ‘मातोश्री’ पर एक किताब लिखी है, जिसका अनावरण 2017 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था|

 

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प्रारंभिक जीवन

सुमित्रा महाजन (सुमित्रा साठे) का जन्म महाराष्ट्र के चिपलून में 12 अप्रैल 1943 को उषा देवी और पुरुषोतम साठे के घर में हुआ| उनके पिता महाराष्ट्र में संघ प्रचारक थे और उनकी माँ एक गृहिणी थीं|

शिक्षा

सुमित्रा महाजन महाराष्ट्र के रत्नागिरी में पली-बढ़ीं| उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रत्नागिरी के ही एक स्कूल से प्राप्त की| उन्होंने मुंबई के एक कॉलेज में बी.ए. से ग्रेजुएशन किया|

22 वर्ष की उम्र में 29 जनवरी 1956 में उनकी शादी इंदौर के एक नामी वकील जयंत महाजन के साथ हो गई|  मध्य प्रदेश के इंदौर से सुमित्रा महाजन ने इंदौर विश्वविद्यालय (अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय) से एम.ए. से पोस्ट ग्रेजुएशन और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की|

उनके दो बेटे है| उनके बडे़ बेटे मिलिंद महाजन आईटी प्रोफेशन में हैं और साथ ही बिजनेस भी करते हैं| उनके छोटे बेटे मंधार महाजन एक कमर्शियल पायलट हैं|

राजनीतिक कार्यकाल

सुमित्रा महाजन ने साल 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश चंद्र सेठी के विरूद्ध पहली बार चुनाव लड़ा और लोकसभा चुनाव जीता| उनका यह सफर लगातार 2014 तक चलता रहा| वें लगातार 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में सांसद चुनी गई|

लोकसभा चुनाव जीतने से पहले वें इंदौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीन विधान सभा चुनाव हार चुकी थीं| 

सुमित्रा महाजन वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष और 1998 में राष्ट्रीय महासचिव बनीं| वें वर्ष 1992 में पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष थीं|

वें इंदौर की डिप्टी मेयर (1984-85) और पार्षद (1982-85) रहीं|

वर्ष 1995 में भाजपा विधायक दल की अध्यक्ष बनने से पहले वे भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई की सचिव थीं|

सुमित्रा महाजन 2002 से 2004 तक केन्द्रीय मंत्रीमंडल के मानव संसाधन, संचार तथा पेट्रोलियम मंत्रालय में कार्यरत थीं| 

वें 2004 से 2009 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर स्थायी समिति की अध्यक्ष रही| 

उन्होंने 2009 से 2014 तक ग्रामीण विकास पर स्थायी समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला| साथ ही सुमित्रा महाजन औषध नियंत्रण पर उपसमिति की संयोजक रही| वें महिला सशक्तीकरण पर संयुक्त समिति और महिलाओं से जुड़े कानूनों के मूल्यांकन पर बनी उपसमिति से भी जुड़ी रही हैं|

सुमित्रा महाजन वर्ष 2005 में भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख थीं| वें सांसद के तौर पर मानव संसाधन विकास (एचआरडी) समेत विभिन्न समितियों और मूल्य आधारित शिक्षा पर उपसमिति की सदस्य रही हैं|

6 जून 2014 को सुमित्रा महाजन निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष चुनी गई| भारतीय जनता पार्टी की यह पहली सांसद थी, जो लोक सभा अध्यक्ष बनी|

सुमित्रा महाजन मीरा कुमार के बाद दूसरी महिला लोक सभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुई| वें लोकसभा की एक ही संविधान सभा से लगातार आठ बार निर्वाचित होने वाली सांसद की एकमात्र महिला सदस्य हैं| 

अध्यक्ष के रूप में पदभार:

  • व्यापार सलाहकार समिति

  • नियम समिति

  • धरोहर के रख-रखाव और संसद भवन परिसर के विकास पर संयुक्त संसदीय समिति

  • संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय नेताओं और सांसदों की मूर्तियों / प्रतिमाओं की स्थापना पर समिति

  • सामान्य प्रयोजन समिति

  • संसद भवन परिसर में सुरक्षा संबंधी समिति

  • अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की स्थायी समिति

  • सीपीए इंडिया क्षेत्र की कार्यकारी समिति

भारतीय संसदीय समूह और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) की भारत शाखा की अध्यक्ष रही|

अगस्त 2015, में सुमित्रा महाजन ने पांच दिनों के लिए सदन में अनुशासनहीनता के लिए सदन से 25 कांग्रेस सांसदों को निलंबित किया था|

वर्ष 2016 के लिए ब्रिक्स संसदीय मंच के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने जयपुर में ब्रिक्स महिला सांसद मंच की बैठक और जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में ब्रिक्स संसदीय मंच के संसदों के पीठासीन अधिकारियों की बैठक आयोजित की|

उनकी मराठी साहित्य, कविता और नाटक में रूची है| वें कई सांस्कृतिक संगठनों से जुड़ी हैं| उन्होंने महाभारत और गीता, देवी अहिल्या बाई होल्कर की शिक्षाओं पर चर्चा, भाषण और सार्वजनिक प्रवचन दिए| वे मराठी अकादमी, मध्य प्रदेश की पूर्व अध्यक्ष और अहिल्या उत्सव समिति, इंदौर और समकालीन अध्ययन केंद्र, इंदौर की अध्यक्ष हैं| 

उन्होंने महिला विधायकों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन और मार्च 2018 में नई दिल्ली में पहली बार राष्ट्रीय विधायकों के सम्मेलन की अवधारणा और अध्यक्षता की|

भारतीय संसदीय शिष्टमंडल की कोरिया गणराज्य (सियोल), सितंबर – अक्टूबर 2016 की यात्रा के दौरान, हनुक यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन अफेयर्स (सियोल) ने उन्हें मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया|

2019 में सुमित्रा महाजन अपने राजनीतिक कार्यभार से सेवानिवृत हुईं|

उन्होंने हमेशा अपनी सभी भूमिकाओं में सर्वश्रेष्ठ क्षमता के अनुसार काम किया है|

Jagdisha आपको हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आपके स्वस्थ जीवन की कामना करते है|

 



 

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